Tuesday, September 25, 2018

SC upholds constitutional validity of Aadhaar, but with conditions

SC upholds constitutional validity of Aadhaar, but with conditions

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The Supreme Court has conditionally upheld the validity of Aadhaar. Here are the main points of the majority judgement on the Aadhaar case that is being read out in Supreme Court by Justice Sikhri:
  • Justice Sikhri has conditionally upheld the constitutional validity of Aadhaar.
  • SC has made compulsory the linking of Aadhaar with PAN.
  • Private companies cannot insist on Aadhaar.
  • National security exception for disclosure of Aaadhaar information as per Seciton 33(2) has been struck down.
  • ‘Being unique is better than being best and Aadhaar is unique,’ Justie Sikhri has observed.
  • CBSE, NEET cannot mandate Aadhaar
  • A five-judge Constitutional Bench is currently pronouncing its judgment on the constitutionality of the Aadhaar scheme.
  • Aadhaar not mandatory for school admissions
  • The Supreme Court has directed the government to not give Aadhaar to illegal immigrants
  • The Supreme Court has observed that as of today it does not find anything in the Aadhaar Act that ‘violates right to privacy of individual citizen.’
  • Bank accounts need not be mandatorily linked to Aadhaar: SC
  • No person should be denied rights due to the lack of Aadhaar, SC has observed
  • Aadhaar-Mobile linking not mandatory: No mobile company can demand mandatory linking of Aadhaar card to their connections

Thursday, September 20, 2018

क्या ये ऑटो ड्राइवर PM नरेंद्र मोदी के भाई हैं?

क्या ये ऑटो ड्राइवर PM नरेंद्र मोदी के भाई हैं?

सोशल मीडिया पर एक ऑटो ड्राइवर की तस्वीर वायरल हो रही है. लोग कह रहे हैं, ये नरेंद्र मोदी के भाई हैं. ऑटो चलाकर अपना परिवार चलाते हैं. लोग लिख रहे हैं कि मोदी इतने ईमानदार हैं कि अपने परिवार तक को अपने ओहदे का फायदा नहीं देते.
ये पोस्ट्स पिछले दो-तीन साल से सोशल मीडिया पर नजर आ रही हैं. बीच में कुछ मीडिया संस्थानों ने इसपर खबर की. बताया कि ये मोदी के भाई नहीं हैं. पिछले एक-दो महीने से दोबारा ये पोस्ट वायरल होने लगी है.

लोग इस फोटो को शेयर करके नरेंद्र मोदी और उनके परिवार की ईमानदारी की मिसाल दे रहे हैं. इस पोस्ट को देखिए. 36 हजार लोगों ने इसे शेयर किया है. 

ये फोटो शेयर करने वाले लिख रहे हैं कि बाकी नेताओं को मोदी परिवार से सीख लेनी चाहिए.
क्या है इस वायरल पोस्ट में?
एक आदमी का चेहरा फोकस में है. वो ऑटो के अंदर ड्राइवर वाली सीट पर बैठा है. फोटो के साथ लिखे कैप्शन का कहना है कि ये प्रधानमंत्री मोदी के मंझले भाई हैं. ऑटो चलाकर गुजारा चलाते हैं. इस मेसेज के साथ बाकी नेताओं को ताना दिया गया है. लिखा है कि विधायक के परिवारवाले भी करोड़ों रुपये की एसी गाड़ी में चलते हैं. जबकि नरेंद्र मोदी का परिवार इतनी मामूली जिंदगी जी रहा है. पोस्ट शेयर करनेवालों का कहना है कि नरेंद्र मोदी और उनके परिवार की ईमानदारी बाकी सबके लिए मिसाल है. बीजेपी को सपोर्ट करने वाली कई पेजेज़ पर भी ये पोस्ट वायरल हो रहा है.
ये ‘डेकन अबरॉड’ की एक खबर का लिंक है. खबर के अंदर लिखे टेक्स्ट को हमने ट्रांसलेट किया. मालूम चला कि ये अदीलाबाद में रहने वाले शेख अयूब हैं, जो कि ऑटो चलाते हैं.
असलियत क्या है?
ये आज की पोस्ट नहीं है. पिछले दो-तीन साल से शेयर हो रही है. फोटो में दिख रहे शख्स का नरेंद्र मोदी से बस इतना नाता है कि हम सबकी तरह उनके भी PM मोदी हैं. ये शख्स अदीलाबाद के एक ऑटो चालक हैं. इनकी शक्ल नरेंद्र मोदी से काफी मिलती-जुलती है. अदीलाबाद तेलंगाना राज्य में पड़ता है. वहां ये ऑटो ड्राइवर ‘मोदी के डुप्लिकेट’ के तौर पर काफी चर्चित हैं. हमें ‘डेक्कन अबरॉड’ नाम की वेबसाइट पर इनकी तस्वीर मिली. अंदर खबर तो तेलुगू में लिखी थी, लेकिन ऊपर की हेडिंग अंग्रेजी में थी. इसमें लिखा है-
अदीलाबाद के ऑटो ड्राइवर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जैसे दिखते हैं.
हमने गूगल ट्रांसलेटर पर तेलुगू को अंग्रेजी में अनुवाद किया, तो पता चला कि अंदर खबर में क्या लिखा है. अखबार के मुताबिक, फोटो में दिख रहे शख्स का नाम शेख अयूब है. वो अदीलाबाग के बाकलाग्लुडा मुहल्ले में रहते हैं. पहले वो ट्रांसपोर्ट की बस चलाते थे. फिर वो काम छोड़कर अपना ऑटो चलाने लगे. जुलाई 2016 में नवभारत टाइम्स ने भी इस तस्वीर पर खबर की थी. बताया था कि मोदी के भाई कहकर चलाई जा रही ये तस्वीर अदीलाबाद, तेलंगाना के एक ऑटो चालक ही है. नवंबर 2016 में डेली भास्कर ने भी इनपर खबर की थी. उस समय भी ये पोस्ट PM मोदी के मंझले भाई के नाम से वायरल हो रही थी. अखबार ने बताया था कि ये मोदी के भाई नहीं, अदीलाबाद के एक ऑटो चालक हैं.
‘डेकन अबरॉड’ वाली खबर में शेख अयूब की किसी और फोटो का इस्तेमाल किया गया है. मगर दोनों तस्वीरों में दिख रहे इंसान वही हैं. टीटीवी उर्दू ने शेख अयूब का इंटरव्यू किया था.
टीटीवी उर्दू ने शेख अयूब का इंटरव्यू किया था. उनका कहना था कि अक्सर लोग उन्हें नरेंद्र मोदी का भाई समझ लेते हैं. नोटबंदी के बाद के दिनों में लोग अक्सर उन्हें PM का भाई समझकर ताना देते थे (फोटो: TTV उर्दूु)
नरेंद्र मोदी के परिवार में कौन क्या करता है?
‘
– PM के बड़े भाई का नाम है सोमभाई मोदी.
– एक और बड़े भाई हैं अमृतभाई मोदी. प्राइवेट कंपनी में फिटर के पद से रिटायर हुए. इनका बेटा संजय कारोबार करता है. लेथ मशीन पर छोटे कल-पुर्जे बनाते हैं.
– छोटे भाई पंकज गुजरात सूचना विभाग में अफसर हैं. मां हीराबेन इन्हीं के साथ गांधीनगर में रहती हैं.
– प्रधानमंत्री के चचेरे भाई भरत मोदी पेट्रोल पंप पर अटेंडेंट की नौकरी करते हैं. उनकी पत्नी भी किराना सामान बेचती हैं.
– भरत के छोटे भाई अशोक मोदी ठेले पर पतंगें, पटाखे और खाने-पीने की छोटी-मोटी चीजें बेचते हैं.
– इनके एक और छोटे भाई हैं- चंद्रकांत. अहमदाबाद के एक पशुगृह में हेल्पर का काम करते हैं.
– चंद्रकांत से छोटे हैं अरविंद, जो कि कबाड़ी का काम करते हैं.

Tuesday, September 18, 2018

यूपी: जब भोजपुरी गाने पर पुलिसवालों ने लगाए ठुमके, देखें VIDEO

यूपी: जब भोजपुरी गाने पर पुलिसवालों ने लगाए ठुमके, देखें VIDEO

यूपी: जब भोजपुरी गाने पर पुलिसवालों ने लगाए ठुमके, देखें VIDEO
लखनऊ: यूपी के औरैया में तैनात कुछ पुलिसकर्मियों का वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है. ये पुलिसकर्मी डायल-100 की जीप को पेड़ के नीचे लगा ऑन ड्यूटी भोजपुरी गाने पर डांस कर रहे थे. जैसे ही यह मामला सामने आया है तो सभी पुलिसकर्मियों के खिलाफ जांच क आदेश दे दिए गए हैं. वहीं कहा जा रहा है कि जांच की रिपोर्ट आने के बाद दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी


ये पहली बार नहीं है और ऐसा पहली कई बार देखने को मिला है जब किसी पुलिसकर्मी ने ऑन ड्यूटी ऐसे काम किया हो. यूपी में कई बार ऐसे पुलिसवालों पर कार्रवाई हुई है लेकिन ऐसी घटनाएं रुकती नहीं है. यह मामला इसलिए बड़ा हो जाता है कि क्‍योंकि हर बार ये आरोप लगाया जाता है कि पुलिसवाले कभी भी किसी घटना के वक्‍त समय पर नहीं पहुंचते हैं. ऐसे में पुलिस वाले जब डायल 100 का इस्‍तेमाल अपनी मौज मस्‍ती के लिए कर तो कई सवाल खड़े होंगे ही. 
 
Uttar Pradesh Police orders inquiry after a video of policemen dancing on duty in Auraiya goes viral
तेलंगाना : अंतरजातीय शादी करने वाले शख़्स की हत्या के लिए दी गई थी 1 करोड़ की सुपारी

तेलंगाना : अंतरजातीय शादी करने वाले शख़्स की हत्या के लिए दी गई थी 1 करोड़ की सुपारी

तेलंगाना : अंतरजातीय शादी करने वाले शख़्स की हत्या के लिए दी गई थी 1 करोड़ की सुपारी, ISI से भी लिंक 

तेलंगाना के नालगोंडा में 23 वर्षीय शख़्स की उसकी गर्भवती पत्नी के सामने बेरहमी से हत्या के मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है.




तेलंगाना : अंतरजातीय शादी करने वाले शख़्स की हत्या के लिए दी गई थी 1 करोड़ की सुपारी, ISI से भी लिंक
पुलिस सूत्रों का कहना है कि हत्या के लिए 1 करोड़ रुपये की सुपारी दी गई थी.
नई दिल्ली : तेलंगाना के नालगोंडा में 23 वर्षीय शख़्स की उसकी गर्भवती पत्नी के सामने बेरहमी से हत्या के मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. पुलिस ने इस मामले में बिहार से सात लोगों को गिरफ्तार किया है, जिसमें हत्या करने वाला भी शामिल है. पुलिस सूत्रों ने एनडीटीवी को बताया कि गैंग को 1 करोड़ रुपये में सुपारी दी गई थी, जिसमें से 18 लाख रुपये दिये जा चुके थे. दूसरी तरफ, इस गैंग के पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से लिंक की बात भी सामने आ रही है. कहा जा रहा है कि हत्या करने वाला शख्स गुजरात के पूर्व मंत्री हरेन पांड्या की हत्या में भी शामिल रहा है और उस मामले में दोषी भी ठहराया गया था और साल 2003 में रिहा हो गया था.




आपको बता दें कि तेलंगाना में 23 वर्षीय प्रणय कुमार की उनकी पत्नी के सामने ही हत्या कर दी गई थी. सीसीटीवी फुटेज में साफ दिख रहा है कि प्रणय 21 वर्षीय पत्नी अमृता वार्षिणी के साथ एक अस्पताल से बाहर निकल रहे हैं. इसी दौरान एक व्यक्ति पीछे से प्रणय पर कुल्हाड़ी से हमला कर देता है. वह ताबड़तोड़ वार करता है और प्रणय की मौत हो जाती है. इस घटना के बाद प्रणय की पत्नी अमृता सदमे से गिर गईं और उन्हें अस्पताल ले जाया गया. बाद में उन्होंने पुलिस को बताया कि उन्हें शक है कि उनके पिता और चाचा ने ही हत्या करवाई है, क्योंकि प्रणय दूसरी जाति से थे और वे लोग शुरू से ही उसकी शादी का विरोध कर रहे थे. साथ ही अबॉर्शन के लिए भी दबाव बना रहे थे, लेकिन मैं ऐसा नहीं करना चाह रही थी.
SBI ने शुरू की जबरदस्त सर्विस, टिकट बुक करने पर दे रहा है भारी डिस्काउंट और कैशबैक

SBI ने शुरू की जबरदस्त सर्विस, टिकट बुक करने पर दे रहा है भारी डिस्काउंट और कैशबैक


अगले महीने से फेस्टिव सीजन की शुरुआत होने वाली है ऐसे में लोग कहीं न कहीं जानें की प्लानिंग करते हैं. अगर आप भी कहीं जानें की प्लानिंग कर रहे हैं तो आपके लिए खुशखबरी है क्योंकि फेस्टिव सीजन को ध्यान में रखते हुए देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) अपने ग्राहकों को बेहद शानदार ऑफर दे रही है. बैंक ने ट्वीट कर ये जानकारी दी है कि यदि आप BHIM SBI Pay App को अपग्रेड कर फ्लाइट टिकट और बस टिकट बुक करते हैं तो इसपर आपको भारी कैशबैक मिलेगा. आइए आपको बताते हैं SBI के इन खास डिस्काउंट ऑफर्स के बारे में...

ऐसे उठाए ऑफर का लाभ
BHIM SBI Pay App से आप फ्लाइट टिकट बुकिंग भी कर सकते हैं. इस टिकट को बुक करने पर बड़ा डिस्काउंट मिलेगा. इसके लिए आपको पहले गूगल प्ले स्टोर से यह ऐप डाउनलोड करना होगा. इसके बाद बुकिंग के दौरान आपको SFLY250 कूपन कोड का इस्तेमाल करना होगा तभी आप इस पर मिलने वाले ऑफर का लाभ ले पाएंगे. इस ऑफर के तहत ग्राहकों को 250 रुपये का कैशबैक मिलेगा. बता दें कि 1000 रुपये या इससे अधिक का फ्लाइट टिकट बुक कराने पर ही आप इस ऑफर का लाभ उठा पाएंगे.

बस टिकट बुक पर ऑफर

SBI ने अपने ग्राहकों को बस टिकट की बुकिंग पर 100 रुपये का कैशबैक देने का ऐलान किया है. यदि आप इस ऑफर का लाभ उठाना चाहते हैं तो, टिकट बुक करते समय आपको SBUS100 कूपन कोड का इस्तेमाल करना होगा. बता दें कि इस ऑफर का लाभ भी 1000 रूपये या इससे अधिक टिकट बुक करने पर ही मिलेगा.
Start your festive celebrations on the bus! Travel to your destination in comfort and enjoy offers by booking your bus tickets through the BHIM SBI Pay App on your phone. To know more, visit: https://bank.sbi/portal/web/personal-banking/bhim-sbi-pay-offers …



इस ऐप के जरिए आप होटल बुकिंग भी कर सकते हैं और कैशबैक भी पा सकते हैं. होटल बुकिंग पर आपको 20 प्रतिशत तक का डिस्काउंट मिलेगा.
सीएम योगी का अहम बयान- जाट आरक्षण के पक्ष में है सरकार

सीएम योगी का अहम बयान- जाट आरक्षण के पक्ष में है सरकार

सीएम योगी का अहम बयान- जाट आरक्षण के पक्ष में है सरकार


मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को लखनऊ में जाट सम्मेलनके दौरान साफ किया कि बीजेपी सरकार जाट आरक्षण को लेकर जाट समाज के साथ है. पीडब्ल्यूडी के विश्वेसरैया हाल में भारतीय जनता पार्टी के पिछड़ा वर्ग मोर्चा द्वारा लखनऊ में आयोजित 'सामाजिक प्रतिनिधि बैठक' में जाट समाज के प्रतिनिधियों से बैठक हुई. कार्यक्रम में मंच पर सांसद बाबूलाल ने जाट आरक्षण का मुद्दा उठाया. इसके अलावा जाट समाज ने राजा सूरजमल, महेंद्र प्रताप सिंह और चौधरी चरण सिंह में से किसी एक को भारत रत्न देने की मांग की.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जाट आरक्षण पर सरकार जाट समाज के साथ हैं.
उन्होंने कहा कि सरकार ने सामाजिक न्याय की समिति गठित की है. पिछली सरकार अपने लोगों के माध्यम से मामले को कोर्ट ले जाती थी. वो आरक्षण के समर्थन में नहीं थी.

सीएम योगी ने कहा कि हम लोगों ने किसानों का कर्ज माफ किया. हमने गन्ना किसानों को 36000 करोड़ का भुगतान किया. पिछली सरकार के बकाए का भी भुगतान किया. इस दौरान सीएम योगी ने महागठबंधन पर कहा कि जो लोग भारत में अस्थिरता चाहते हैं, वही लोग महागठबंधन की बात कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि देश में स्थिरता लाने वाले लोगों को मोदी जी के साथ खड़ा होना चाहिए. आप राष्ट्रवाद की राजनीति को सहयोग दें.

इस दौरान उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने एससी एंसटी एक्ट के मुद्दे पर कहा कि योगी सरकार में किसी के खिलाफ फर्जी मुकदमा नहीं लिखा जा सकता. इसके अलावा केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि मुजफ्फरनगर दंगा भुलाया नहीं जा सकता. सत्ता का उस समय दुरुपयोग किया गया था. उन्होंने कहा​ कि 17 जिले जाट बाहुल्य हैं और आपके चलते ही बीजेपी को बहुमत मिला. डिप्टी सीएम ने कहा कि 2019 के चुनाव के लिए विपक्षी अफवाह फैला सकते हैं. केंद्र और प्रदेश की सरकार आपके साथ है. आपसे हर बूथ पर कमल खिलाने का आह्वान है.

इससे पहजले जाट सभा में बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ महेंद्र नाथ पांडेय ने कहा कि सामाजिक प्रतिनिधि सभा का सकारात्मक फीडबैक है. बीजेपी का जाट समाज से गहरा नाता है. कांग्रेस को पहली बार देश में 1967 में बेदखली मिली और उसमें चौधरी चरण सिंह मात्र 17 विधायक लेकर निकले, जिन्हें जनसंघ ने सीएम बनाया था. जाट समाज ने बीजेपी को दिया है और बीजेपी ने जाट समाज को.

मनमोहन सिंह की सरकार को सपा और बसपा ने चलाकर निजी फायदा उठाया. पर बीजेपी सरकार ने देश और प्रदेश का कल्याण किया. 2019 में मजबूत देश बनाने के लिए फिर एक बार नरेंद्र मोदी को पीएम बनवाइए. इस दौरान सत्यपाल सिंह ने कहा कि जाट बिरादरी हमेशा राष्ट्रवादी रहा है. बीजेपी का सिद्धांत और जाटों का सिद्धांतों एक है. किसानों के लिए सबसे अधिक काम बीजेपी ने किया है.

सीएम योगी ने कहा कि देश की राजधानी को जाट समाज ने घेर रखा है. मुगलकाल में भी जाट समाज ने अपनी संस्कृति नहीं छोड़ी. सपा के कार्यकाल में पश्चिमी उत्तर प्रदेश में साप्ताहिक दंगे होते थे. पिछली सरकार में चिन्हित कर कार्रवाई की जाती थी. बीजेपी तुष्टिकरण की राजनीति नहीं करती है.

मोदी जी का विकास ऐसा ही है सावच  भारत अभियान में कैमरा पहले ही चालू हो गया

मोदी जी का विकास ऐसा ही है सावच भारत अभियान में कैमरा पहले ही चालू हो गया

सोशल मीडिया पर एक विडियो वायरल हो रहा है. इसमें कुछ लोग जमा होकर झाड़ू लगा रहे हैं. इस विडियो में कुछ ऐसा है कि देखने वाले इसकी हंसी उड़ा रहे हैं. लोग लिख रहे हैं कि ये विडियो ‘स्वच्छ भारत’ अभियान की पोल खोलती है. कइयों का इशारा बीजेपी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ है.
क्या है इस वायरल विडियो में?
किसी रेलवे प्लेटफॉर्म की जगह है. शेड के ऊपर ‘विश्रामपुर’ लिखा है. यहां करीब एक दर्जन लोग जमा हैं. कइयों के हाथ में झाड़ू है. उनमें से ही एक आदमी एक बड़ी टोकरी को वहीं उलटता है. उसके अंदर सूखे पत्ते, कागज और कूड़ा है. सारे लोग हंस रहे हैं. वो आदमी गंदगी उलटकर टोकरी एक तरफ रख देता है. फिर बाकी लोग वहां झाड़ू लगाने लगते हैं. गंदगी नहीं है, बस सारे लोग झाड़ू लगाने का ड्रामा करते हैं. विडियो के साथ लिखे गए कैप्शन के मुताबिक, गलती से कैमरा पहले ही ऑन हो गया और ये विडियो बन गया. इस विडियो को शेयर करते हुए लोग ‘स्वच्छ भारत’ अभियान का मजाक उड़ा रहे हैं. उनके मुताबिक, ये विडियो स्वच्छ भारत प्रोग्राम की पोल खोल है. विडियो शेयर करने वाले कई लोग कह रहे हैं कि ये लोग किसी राजनैतिक पार्टी से जुड़े हुए हैं. यासिन नांबी नाम के हमारे एक पाठक ने मेल पर हमसे यही सवाल पूछा. उन्होंने हमसे पता लगाने को कहा कि ये किस पार्टी के लोग हैं.
कई सारे लोग इस विडियो को बीजेपी से जोड़ रहे हैं.

ऊपर लिखा कैप्शन देखिए. विडियो के बहाने प्रधानमंत्री मोदी पर चुटकी ली गई है.
पोस्ट की असलियत क्या है?
हमने विडियो को सर्च किया, तो जून 2018 का एक लिंक मिला. इसमें साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) के कर्मचारियों से जुड़ी एक खबर थी. खबर के मुताबिक 16 जून से 30 जून तक SECL स्वच्छता पखवाड़ा मना रहा था. 28 जून को इसके कुछ अधिकारी सफाई के लिए विश्रामपुर स्टेशन पहुंचे. वहां पहले से ही सफाई हो चुकी थी. फिर ये अधिकारी-कर्मचारी सफाई कैसे करते? सफाई नहीं करते, तो फोटो कैसे खिंचवाते? ये कैसे बताते कि उन्होंने भी सफाई की है? इसीलिए इन लोगों ने पहले प्लेटफॉर्म पर कचरा गिराया और फिर वहां झाड़ू लगाकर फोटो खिंचवाई. वहां मौजूद किसी आदमी ने इस पूरी घटना का विडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दिया. खबर में आगे ये भी लिखा है कि खुद SECL की कॉलोनियों में गंदगी भरी है. मगर इन अधिकारियों को वहां सफाई करने की नहीं सूझी.